बिहार के गोपालगंज में जादोपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष पिंटू कुमार को जब्त किए गए कार को खुद इस्तेमाल करना काफी महंगा पड़ गया. पटना उच्च न्यायालय ने सख्त कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. वहीं केस के आईओ व सूचना देने वाले पुलिस कर्मी पर भी कार्रवाई की है.
दारोगा पर हाईकोर्ट ने लगाया जुर्माना: पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पीबी बजंतरी व सुनील दत्त मिश्रा की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए 6 फरवरी को तत्कालीन थानाध्यक्ष पिंटू कुमार पर 1 लाख का जुर्माना लगाया है. जिसे बिहार सरकार को वसूल कर हर्ष अग्रवाल को देने का सख्त आदेश दिया है. वहीं उनपर विभागीय कार्रवाई करने और उनके वेतन से जुर्माना की राशि वसूलने का भी निर्देश दिया है.
क्या था मामला: शिकायतकर्ता के अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन ने बताया कि जादोपुर थाने की पुलिस ने उत्पाद अधिनियम के तहत 25 सितंबर 24 को एक एसयूवी 700 काली रंग की कार थानाक्षेत्र के कररिया गांव के समीप से शराबबंदी कानून के तहत जब्त की थी. जब्त की गई वाहन को तत्कालीन थानाध्यक्ष पिंटू कुमार इसका उपयोग खुद के कामों के लिए करने लगे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उक्त वाहन में जीपीएस लगा हुआ है.
हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया: बता दें कि उक्त वाहन जब्त करने के साथ ही वह कहां-कहां गयी सबका जीपीएस सिस्टम से लोकेशन निकाल कर शिकायकर्ता ने न्यायालय में प्रस्तुत किया था.पीड़ित यूपी के कुशीनगर जिले के निवासी हर्ष अग्रवाल ने न्यायालय में सीडब्ल्यूजेसी 16507/24 सचिव उत्पाद बिहार सरकार, कमिश्नर, डीएम, एसपी, उत्पाद अधीक्षक, तत्कालीन थानाध्यक्ष पिंटू कुमार,आईओ आलोक कुमार व पीएसआई पर दायर किया था.
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