जिलाधिकारी ने कहा कि सभी आकांक्षी प्रखंडों में आकांक्षी कार्यक्रम की पेंटिंग एक ही डिजाइन में कराई जाए। ताकि वहां के लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग अपने सीएचओ को उचित माध्यम से अधीनस्थ कर्मियों को जागरूक करें।
गुरुवार को डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में कार्यालय वेश्म में आयोजित पांचों आकांक्षी प्रखंड पीरपैंती, जगदीशपुर, सबौर, सन्हौला और सुल्तानगंज में विगत वर्ष में प्राप्त उपलब्धि की समीक्षा की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धि शत-प्रतिशत रही। केवल क्षय रोग (ट्यूबरक्लोसिस) के इलाज में उपलब्धि 88 प्रतिशत पाई गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम ने बताया कि 12 प्रतिशत मरीजों का एमडीआर हो गया। प्रसव पूर्व (एएनसी) जांच में उपलब्धि शत-प्रतिशत रही। आईसीडीएस में कुपोषण दूर करने की उपलब्धि उल्लेखनीय रही। कुल 945 बच्चे बचे हुए हैं। कृषि विभाग की समीक्षा में पीएम किसान योजना की उपलब्धि 87 प्रतिशत बताई गई।
Discover more from Voice Of Bihar
Subscribe to get the latest posts sent to your email.