बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले राजनीतिक दलों के बीच रस्साकसी का दौर जारी है। सभी दल अपने विधायकों को हार्स ट्रेडिंग से बचाने के लिए उन्हें सुरक्षित करने में लगे हुए हैं। हर दल अपने विधायकों के एकजुट होने का दावा कर रहा है लेकिन टूट की आशंका को लेकर सतर्क भी है। क्योंकि राजनीति में कब पासा पलट जाए कहा नहीं जा सकता है। यही वजह है कि कहीं बैठकें, प्रशिक्षण शिविर तो कहीं भोज के बहाने विधायकों की उपस्थिति परखी जा रही।

दरअसल, बीते कल जहां भाजपा के सभी विधायकों ने गया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं जदयू और राजद के कुछ विधायक अपने शीर्ष नेतृत्व को न पहुंच पाने की वजह बताते हुए अनुपस्थित रहे। हालांकि, राजद के विधायक बाद में उपस्थित हो गए। जबकि, कांग्रेस ने पहले ही अपने विधायकों को हैदराबाद भेज दिया था। अब वे विश्वास मत के दिन ही लाए जाएंगे। एनडीए की नीतीश सरकार को 12 फरवरी को विश्वास मत की परीक्षा से गुजरना है। इस बीच राजद ने कुछ ज्यादा तल्खी बरती है।

राजद ने अपने विधायकों को एक जगह जुटा लिया है। ये तेजस्वी यादव के नाम से आवंटित सरकारी आवास में रखे गए हैं। शनिवार की शाम पांच देशरत्न मार्ग स्थित तेजस्वी आवास पर बुलाई गई बैठक में आने वाले विधायकों को कहा गया कि जरूरी सामान मंगवा लें। आज से सोमवार की सुबह तक सबको यहीं रहना है। बाहरी संपर्क से परहेज करने की भी सलाह दी गई है।

अगले 40 घंटे तक सभी विधायक अब तेजस्वी आवास में ही रहेंगे। विधायकों को कपड़े एवं अन्य जरूरी सामान कर्मियों के जरिये मंगा लेने को कहा गया है। राजद विधायक चेतन आनंद और विधान परिषद सदस्य विनोद कुमार जायसवाल ने देर शाम दावा किया कि 73 विधायक पहुंच गए हैं। चेतन ने कहा, “हॉस्टल जैसा अहसास हो रहा है।” राजद के 79 विधायक हैं। छह विधायक निजी एवं स्वास्थ्य कारणों से बैठक में अनुपस्थित बताए गए हैं।

उधर, जदयू खेमे में मंत्री श्रवण कुमार ने शनिवार को भोज देकर विधायकों की एकजुटता परखने की कोशिश की। चर्चा इस बात की होती रही कि जदयू के पांच विधायक इस एकजुटता भोज में नहीं दिखे।कहा गया कि पूर्व से तय अपने कार्यक्रम के कारण वे लोग नहीं आए। यह जानकारी भोज के आयोजक को दे दी थी। रविवार को मंत्री विजय चौधरी के आवास पर होने वाली विधायक दल की बैठक में इनकी मौजूदगी रहेगी। भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कुछ देर के लिए पहुंचे।