जब शौचालय निर्माण की धीमी गति का पीएम ने पूछा कारण,10 अप्रैल को आयेंगे पटना

केंद्र सरकार की बेहद महत्वपूर्ण योजना स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिये समीक्षा की. 13 मार्च को बिहार के अलावा यूपी, ओड़िसा और जम्मू-कश्मीर राज्यों के सीएस के साथ भी स्वच्छता मिशन का जायजा लिया. ये वे राज्य हैं जहां शौचालय निर्माण योजना की रफ्तार बेहद धीमी है.

 

वीसी में पीएम ने शौचालय निर्माण की गति धीमी होने का कारण पूछा तो सीएस ने यह आश्वासन दिया कि 10 अप्रैल तक 50 फीसदी से ज्यादा शौचालय का निर्माण करा लिया जायेगा. असल में 10 अप्रैल को पीएम बिहार के मोतिहारी जिला में स्वच्छता मिशन को लेकर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे हैं. इसके मद्देनजर राज्य की तरफ से उन्हें यह भरोसा दिलाया गया कि निर्माण की गति को बढ़ायी जायेगी और इसे 50 फीसदी से अधिक पहुंचा दिया जायेगा.

 

बिहार में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत 2014-15 से की गयी थी. उस समय महज 20 फीसदी घरों में ही शौचालय था, जो वर्तमान में बढ़कर 45 फीसदी पहुंच गया है. वर्तमान में करीब 80 लाख घर राज्य में ऐसे हैं, जहां शौचालय नहीं हैं. मार्च 2019 तक सभी घर में शौचालय का निर्माण पूरा करा लेने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए वर्तमान में शौचालय निर्माण की जो रफ्तार है, उसे दोगुनी करने की जरूरत है.

 

तभी तय समय में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है. बिहार में शौचालय निर्माण में बड़ी समस्या जगह की भी है. यहां काफी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं, जो एक कमरे में ही रहते हैं. हालांकि ऐसे लोगों में जागरूकता लाकर इन्हें इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसके लिए टिकाऊ प्रयास किये जा रहे हैं, जिससे लोगों का व्यवहार परिवर्तन हो सके. राज्य में शेखपुरा, रोहतास, सीतामढ़ी समेत कुछ एक जिले ऐसे हैं, जो जल्द ही ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) हो जायेंगे. इन जिलों में शौचालय निर्माण की प्रगति काफी अच्छी है.

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