दंगाकांड के चार आरोपी समेत 23 सजावार कैदी रिहा

कारा परिहार पर्षद से लाभ मिलने के बाद बुधवार को भागलपुर दंगाकांड के चार अभियुक्तों समेत 23 सजावार बंदियों को जेल से मुक्त कर दिया गया। जेल से निकलने के बाद कैदियों को परिवारवालों ने माला पहनाकर और गले लगाकर स्वागत किया। खुली हवा में सांस लेने पर कैदियों ने खुशी जाहिर की। विशेष केन्द्रीय कारा से 14, केन्द्रीय कारा से 8 और महिला कारा से एक बंदी को रिहा किया गया। 1989 दंगाकांड के चार अभियुक्तों सबौर थाना क्षेत्र के खानकित्ता गांव के सुरेश प्रसाद सिंह उर्फ सुरेश मंडल, सबौर चंदेरी गांव के प्रभु यादव, चंदेरी के ही रामजन यादव उर्फ फकरा यादव और खानकित्ता गांव के अंबिका मंडल शामिल हैं। सभी को चंदेरी दंगाकांड में अभियुक्त बनाया गया था। सरकार द्वारा दंगाकांड की दोबारा जांच कराने के बाद चारों आरोपियों को 15 अक्टूबर, 2015 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। चारो विशेष केन्द्रीय कारा में बंद थे। इसके अलावा जमुई जिले के चंद्रमंडीह के बाबूलाल दास, मधुबनी जिले के पंडौल के राजदेव यादव, गोरखपुर शाहपुर के रामबाबू सिंह, मधेपुरा जिले के कुमारखंड के फुलो यादव, पटना जिले के पुनपुन के रामप्रीत सिंह, खगड़िया घसवारी के राजू शर्मा, नाथनगर किशनपुर गांव के भूदेव यादव, बेगूसराय जिले के प्रतापपुर के पगलू यादव, नवादा जिले नूरसराय के चंदन सिंह और जहानाबाद के रामराज राजवंशी को रिहा किया गया है।केन्द्रीय कारा में बंद खगड़िया जिले के मानसी के ब्रह्मदेव यादव 20 दिसंबर, 2003 से जेल में बंद थे। इसके अलावा बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल के गुदरी महतो 22 जनवरी, 2005, बरारी थाने के मायागंज के मोतीलाल यादव 10 अक्टूबर, 2002 व प्रेमप्रकाश यादव 10 अक्टूबर, 2010, नवगछिया प्रतापनगर के लीलो सिंह 29 अक्टूबर, 2007, बगहा पश्चिम चंपारण के प्रभु यादव 16 जून, 2001, पूर्णिया के त्रिलोकी ऋषिदेव 15 मार्च, 2002 और महिला कारा से सलमा खातून 5 अगस्त, 2003 से जेल में बंद थे।

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