सरकार ने आज घोषणा की कि पासपोर्ट में अब से आखिरी पृष्ठ नहीं छापा जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने यहां एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला नये पासपोर्ट बुकलेट के प्रकाशन से प्रभावी होगी, हालांकि वर्तमान पासपोर्ट बुकलेट अपनी निर्धारित अवधि के लिये वैध रहेंगी।

 

यह निर्णय विदेश मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों की एक तीन सदस्यीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। यह समिति पासपोर्ट आवेदनों में उन मुद्दों के समाधान खोजने के लिये गठित की गयी थी जिनमें मां और बच्चे ने इस बात पर जोर दिया था कि पिता का नाम पासपोर्ट में नहीं लिखा जाना चाहिए। समिति को एकल अभिभावक या गोद ली गयी संतान के मुद्दों का भी हल खोजने को कहा गया था।

 

श्री कुमार ने कहा कि समिति की रिपोर्ट को विदेश मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया है। समिति की एक सिफारिश यह भी थी कि पासपोर्ट की बुकलेट में पिता या वैध अभिभावक, मां, पत्नी के नाम और पता आदि की सूचनाएं प्रकाशित करने की बाध्यता से मुक्त होने की संभावना तलाशी जाएं। विदेश मंत्रालय ने अंतरार्ष्ट्रीय नागर विमानन संगठन की दिशानिदेर्शों और विभिन्न साझीदारों से बातचीत के माध्यम से निर्णय किया कि पासपोर्ट अधिनियम 1967 और पासपोर्ट नियम 1980 के अंतर्गत पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज में अंतिम पृष्ठ नहीं छापा जाएगा जिस पर माता, पिता, पत्नी का नाम, पता, आव्रजन जांच आवश्यक, पुराना पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तिथि एवं स्थान अंकित किया जाता है।

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