उत्तर और पूर्वी बिहार में बाढ़ का कहर थम नहीं रहा है। गुरुवार को पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा के कई नए इलाकों में पानी आने से लोगों में दहशत फैल गई। समस्तीपुर जिले में भी पानी घुस गया है। शुक्रवार को बैकुंठपुर के मुंजा में सारण मुख्य तटबंध टूट गया। इससे गांव के पांच हजार लोग पानी में फंस गए। वहीं बैकुंठपुर के चिउटांहा में दो सगी बहनें बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई।
इससे पहले बुधवार रात को मोतिहारी शहर को भी बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया। गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड के बंगरा गांव के पास सारण मुख्य तटबंध गुरुवार की शाम करीब 50 फुट में टूट गया। इससे कई गांव जलमग्न हो गए।

उधर, मधुबनी में कोसी, कमला, धौस नदी के साथ अब गेहुमां नदी भी उफना गई है। इससे जिले में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। सूबे में पिछले 24 घंटे में बाढ़ के कारण 44 लोगों की मौत हो गई। पिछले 4 दिनों में कुल 110 से ज्यादा मौतें हुईं हैं। बिहार के 16 जिलों में 90 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित हो गई है। मधेपुरा में सर्वाधिक प्रभावित आलमनगर और चौसा प्रखंड के अलावा और छह प्रखंड चपेट में आ गए। जिले में भलुआही के पास एनएच 106 की सड़क करीब 25 फीट कट जाने से यातायात ठप हो गया है। मालदा में भी पानी घुस गया है। कटिहार से मालदा जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं क्योंकि रेलवे लाइन बंद 

बिहार में बाढ़ का कहर: गोपालगंज में सारण मुख्य तटबंध टूटा, कई गांव डूबे
मोतिहारी शहर के 11 वार्डो में भी पानी घुस गया है। मोतिहारी-छौड़ादानो पथ में लखौरा के आगे सड़क पर तीन से चार फुट पानी बहने से आवागमन ठप है। समस्तीपुर के दरभंगा जिले से सटे इलाकों में भी पानी घुस गया। जिले के हसनपुर, बिथान, सिंघिया और चकमहेशी के कई गांवों में बागमती और बलान नदी का पानी घुस गया है।

जिले के मोहनपुर प्रखंड में गंगा खतरे के निशान को छूने के करीब है। उधर, गोपालगंज के सदौवा में गंडक नदी का मुख्य तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी बरौली व सिधवलिया प्रखंडों के करीब 20 गांवों में प्रवेश कर गया है। बरौली में एनएच 28 पर पानी चढ़ जाने से आवागमन ठप हो गया है। जिले के 174 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।
निराशाजनक: बाढ़ से देश को हर साल लगती है 35 हजार करोड़ की चपत

नाराज लोगों ने हाईवे जाम किया

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत नहीं पहुंचने के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को नाराज लोगों ने किशनगंज के फरिंगगोला में एनएच 31 और सुपौल के मरौना और नरपतगंज में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पूर्णिया के जियनगंज के समीप पीड़ितों ने राहत सामग्री नहीं मिलने पर घंटों सड़क जाम किया। पू.चंपारण के ढाका प्रखंड के भंडार गांव के ग्रामीणों ने भी राहत को लेकर रोड जाम किया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को गोपालगंज, बगहा, बेतिया, रक्सौल व मोतिहारी का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लिया। सीएम ने राहत शिविरों का भी जायजा लिया और अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि फ्लैश फ्लड के कारण तबाही हुई है। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित अन्य अधिकारियों के साथ सीएम ने हवाई सर्वेक्षण के बाद समीक्षा भी की।
हेल्पलाइन नंबर जारी
राज्‍य सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने लोगों की मदद के लिए हेल्‍पलाइन नंबर जारी किया है। लोग स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी मदद के लिए 104 (टोल फ्री) नंबर पर फोन कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि अस्‍पतालों से सांप के जहर की काट वाले और एंटी रेबीज इंजेक्‍शन का स्‍टॉक रखने को कहा गया है।

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