बिहार: B.Ed.कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2018 का रिजल्ट जारी

बिहार: B.Ed.कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2018 का रिजल्ट जारी

23rd July 2018 0 By Deepak Kumar

प्रदेश में पहली बार हुए बीएड कॉमन एंट्रेंस टेस्ट में लड़कों में मनीष कुमार और लड़कियों में मोनिका कुमारी ने बाजी मारी है। मनीष कुमार को 120 अंक में 91 नंबर जबकि मोनिका कुमारी को कुल 90 अंक मिले हैं। सोमवार को राजभवन में नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके सिन्हा और राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने बीएड एंट्रेंस टेस्ट के रिजल्ट जारी किए।

राजभवन ने आधिकारिक जानकारी में बताया कि ओवर ऑल मनीष कुमार टॉपर हैं। लड़कियों में मोनिका, अन्य पिछड़ा वर्ग में रूपक कुमार, अति पिछड़ा में विकास कुमार, अनुसूचित जाति में दिवेश नंदन तांती और अनुसूचित जनजाति में मृत्युंजय कुमार ने टॉप किया है।

परीक्षा में छह परीक्षार्थियों ने 90 अंक प्राप्त किए हैं। इनमें मोनिका सहित आशीष कुमार झा, दीपक कुमार, अतुल कुमार, रूपक कुमार, दीपक कुमार हैं। 80 नंबर लाने वाले छात्रों में राहुल कुमार, प्रेम कुमार पांडेय, मो. वासीम, अश्विनी कुमार और विकास कुमार हैं।

बीएड कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के लिए 90,305 परीक्षार्थियों ने निबंधन कराया था जबकि परीक्षा में 82,131 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। इनमें पुरूष परीक्षार्थियों की संख्या 42,536 और महिला परीक्षार्थियों की संख्या 39,595 रही।

कॉमन एंट्रेंस टेस्ट में 61,682 परीक्षार्थी पास हुए। प्रदेश के बीएड कॉलेज में कुल आवंटित सीटें हैं 33,700। सामान्य श्रेणी के लिए कट-ऑफ मॉक्र्स 42 तय किए गए हैं। जबकि आरक्षित श्रेणी के सफल अभ्यर्थियों के लिए कट-ऑफ मॉक्र्स 36 रखे गए हैं। सफल परीक्षार्थियों की काउंसिलिंग 27 जुलाई से शुरू होकर 8 अगस्त तक चलेगी। नामांकन प्रक्रिया 28 जुलाई से प्रारंभ हो जाएगी।

 

यहां बता दें कि राज्यपाल सह कुलाधिपति सत्यपाल मलिक की पहल पर प्रदेश में पहली बार बीएड कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किए गए थे। 15 जुलाई को हुई परीक्षा के लिए राज्यभर में कुल 122 केंद्र बनाए गए थे। अकेले पटना में 56 केंद्र बनाए गए थे।

राज्यपाल सह कुलाधिपति सत्यपाल मलिक ने बीएड कॉमन एंट्रेंस टेस्ट में ओवर ऑल टॉप करने वाले मनीष कुमार और मोनिका कुमारी के साथ ही सभी सफल परीक्षार्थियों को बधाई दी है। मलिक ने कहा कि पहली बार आयोजित परीक्षा के आधार पर सफल छात्र भविष्य में अच्छे शिक्षक बनेंगे और बेहतर शैक्षणिक कार्य करेंगे ऐसी उनकी कामना है।

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