भागलपुरः मायागंज अस्पताल में सफाईकर्मी रहे हड़ताल पर,गंदगी से  बजबजाया जेएलएनएमसीएच

भागलपुरः मायागंज अस्पताल में सफाईकर्मी रहे हड़ताल पर,गंदगी से बजबजाया जेएलएनएमसीएच

12th June 2018 0 By Kumar Aditya

इमरजेंसी सहित इनडोर के सभी विभागों में पसरा रहा कचरा, दस घंटे तक गंदगी में रहे मरीज कैचवर्ड :- आंदोलन – निजी एजेंसी के 200 कर्मचारियों ने नहीं की साफ-सफाई – गंदगी और बदबू से मरीज और उनके परिजन रहे परेशान – ईपीएफ की राशि जमा नहीं करने का लगाया आरोप – फर्श पर लेटे मरीजों के आसपास भी पड़ा हुआ था कूड़ा – अधीक्षक की पहल पर शाम चार बजे शुरू हुई साफ-सफाई

10 लाख प्रतिमाह सफाई पर किया जाता है खर्च – 600 मरीज प्रतिदिन अस्पताल में होते हैं भर्ती – 100 मरीज प्रतिदिन इमरजेंसी में भर्ती होते हैं – 254 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिल रहा वेतन – 311 रुपये प्रतिदिन के अनुसार वेतन देने की कर रहे मांग

भागलपुर। पूर्वी बिहार के सबसे बड़े अस्पताल जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में सोमवार को निजी एजेंसी के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। इससे पूरा अस्पताल बजबजा उठा। सफाई कर्मचारी वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे।

हड़ताल के कारण इमरजेंसी सहित इनडोर के सभी विभागों में मेडिकल कचरा पसरा रहा। 10 घंटे तक मरीज और उनके परिजन गंदगी और बदबू के कारण परेशान रहे। स्थिति इतनी खराब थी कि फर्श पर लेटे मरीजों के आसपास भी कूड़ा पसरा हुआ था। ऐसे में मरीजों के संक्रमित होने का भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। बाद में अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल के समझाने के बाद शाम चार बजे सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर साफ-सफाई शुरू की।

इन विभागों में पसरा रहा मेडिकल कचरा

इमरजेंसी, ट्रामा वार्ड, सर्जरी, मेडिसीन, हड्डी, गायनी, पेइंग वार्ड सहित अन्य विभागों में गंदगी पसरी रही। बाथरुम की स्थिति और भी दयनीय थी। गंदगी के बीच बाथरुम में मरीज जाने को विवश थे। पूरे अस्पताल में बदबू फैली हुई थी। गंदगी से अस्पताल के अंदर और बाहर कहीं भी एक सेकेंड टिकना मुश्किल था।

फ्रंट लाइन के जिम्मे है अस्पताल की सफाई व्यवस्था

अस्पताल की साफ-सफाई का जिम्मा निजी एजेंसी फ्रंट लाइन के जिम्मे है। एजेंसी में तकरीबन दो सौ कर्मचारी कार्यरत हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार निजी एजेंसी के कर्मचारी दो-तीन माह में हड़ताल पर चले जाते हैं। ऐसे में एक दिन भी सफाई नहीं होने पर अस्पताल बजबजाने लगता है।

इन मांगों को लेकर की गई हड़ताल

सफाई कर्मचारियों के मुताबिक भविष्य निधि की राशि उनके खाते में जमा नहीं की जा रही है। साथ ही उन्हें 254 रुपये प्रतिदिन वेतन दिया जा रहा है जबकि वे 311 रुपये प्रतिदिन के अनुसार वेतन देने की मांग कर रहे हैं।

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कोट : सफाई कर्मचारियों को प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। साथ ही भविष्य निधि की राशि भी जमा की जा रही है। एजेंसी द्वारा चालान देने के बाद ही अगले माह के वेतन का भुगतान किया जाता है।

डॉ. आरसी मंडल, अधीक्षक, जेएलएनएमसीएच

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कोट : जिन मरीजों का ऑपरेशन हुआ है उनमें गंदगी की वजह से संक्रमण होने की संभावना ज्यादा रहती है। संक्रमण होने के कारण आठ दिनों के बदले 15 दिनों में जख्म ठीक होता है।

डॉ. विनय कुमार झा, चिकित्सा पदाधिकारी, जेएलएनएमसीएच

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