मिसाल: बेटियों ने दी इज्जत की दुहाई तो पिता बना स्वच्छ भारत मिशन का हीरो

मिसाल: बेटियों ने दी इज्जत की दुहाई तो पिता बना स्वच्छ भारत मिशन का हीरो

29th May 2018 0 By Deepak Kumar

बिहार के रोहतास जिला निवासी मुसहर पुलिस अब स्वच्छ भारत मिशन के नए हीरो के रूप में सामने आए हैं। मुसहर घरवालों का पेट भरने की जिद्दोजहद में लगे थे। उन्हें खबर ही नहीं थीं, बेटियां धीरे-धीरे जवान हो गईं हैं। वे बाहर शौच जाने के पहले हजार बार सोचती हैं। खुल में शौच जाना उनके लिए किसी सजा से कम नहीं होता।

गांव के मनचलों से परेशान बेटियों ने एक दिन अपने पिता के खिलाफ मोर्चा खोला दिया। पिता से इज्जत की दुहाई लगाई। पिता को ताना तक दिया। बेटियों की बातें पिता के दिल में तीर सी जा चुभींं। रोहतास के बिक्रमगंज इलाके के निवासी मुसहर पुलिस की आखें बेटियों ने खोल दीं और उन्होंने सुअर बेचकर फौरन शौचालय बनवाने का फैसला किया।
लैकिया रोज ताना देत रहत…
पुलिस मुसहर बताते हैं, ”सर, जब लैकियन कहली न कि जब इज्जते न रही त जी के का करब, इकर बाद हम अंदर से हिल गइलीं” (लड़कियां रोज ताने देती थीं, लेकिन जब लड़कियों ने यह कहा कि इज्जत ही नहीं रहेगी तो जी कर क्या करेंगे, इसके बाद मैं अंदर तक हिल गया)। 45 वर्षीय मुसहर पुलिस ने आमदनी के लिए दो सुअर पाल रखे थे, मगर जब बेटियों ने बार-बार ताना दिया तो उन्होंने एक सुअर करीब 5500 रुपये में बेच दिया। फिर उन्होंने इसमें कुछ और पैसे मिलाकर करीब 7500 रुपये में शौचालय तैयार किया।

शौचालय निर्माण में उन्होंने मजदूर का काम खुद से किया। इसे बनाने के लिए उनके पास ईंटें भी पहले से थीं। जिला प्रशासन के अनुसार जब पूरे गांव के लोग शौचालय बना लेंगे, तब सभी को स्वच्छ भारत योजना के तहत शौचालय निर्माण का पैसा भुगतान किया जाएगा। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि पूरा इलाका शौचालय बनवाने के लिए बाध्य हो। इस वजह से पुलिस मुसहर भी भुगतान से फिलहाल वंचित हैं।

करीब-करीब पूरा इलाका ओडीएफ हो गया…

पुलिस मुसहर बताते हैं, सुअर बेचने से उनकी जीविका कुछ दिन के लिए जरूर चरमराई, मगर जब दूसरे सुअर ने बच्चे को जन्म दिया तो फिर सबकुछ पटरी पर आ गया। अब मुसहर की एक बिटिया ससुराल भी चली गई है। रोहतास का विक्रमगंज ब्लॉक अब लगभग खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो गया है।
इस इलाके में काम कर रहे यूनिसेफ के वाश अधिकारी राजीव कुमार बताते हैं, यहां अब घर-घर शौचालय बनने से बच्चे बहुत कम बीमार पड़ते हैं। आंकड़े बताते हैं स्कूल में बच्चों की उपस्थित भी बढऩे लगी है। यूनिसेफ बिक्रमगंज सहित पूरे रोहतास को खुले में शौच मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहा है।

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