मॉरीशस के लोगो मे भारत की खुशबू रचा बसा है, हर दिल मे बिहार है:अश्विनी चौबे

मॉरीशस के लोगो मे भारत की खुशबू रचा बसा है, हर दिल मे बिहार है:अश्विनी चौबे

13th March 2018 0 By Kumar Aditya

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी के साथ भारत से मॉरीशस के 50 वें स्वतंत्रता दिवस और 26 वें गणतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत की 125 करोड़ जनता की शुभकामनाएं लेकर गए सांसद प्रतिनिधियों के वरिष्ठ सदस्य केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने मॉरिशस के नागरिकों को बधाई दिया। उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति के साथ हम भारत व मॉरीशस के साथ रिश्तों को मज़बूत करने की यात्रा पर आए हैं। अपने संबोधन की शुरुआत चौबे जी ने भोजपुरी के किया।

भोजपुरी में अपने अभिवादन की शुरुआत करते हुए अश्विनी चौबे ने कहा, स्वागत बा भारत के महामहिम राष्ट्रपति जी, मॉरिशस के प्रधानमंत्री जी, उप प्रधानमंत्री जी सउँसे कैबिनेट के मंत्रीगण अउरी सभा मे उपस्थित तमाम आदरणीयजन के बधाई अउरी सादर अभिनंदन बाटे। “वेलकम ऑल ऑफ यू ऑन बिहाफ़ ऑफ इंडियन डेलीगेट्स” हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है। वसुधैव कुटुंबकम अर्थात सारा विश्व हमारा है। हमारी संस्कृति सनातन विश्वव्यापी है। मॉरीशस में आए बिहार उत्तर प्रदेश तमिलनाडु गुजरात एवं भारत के विभिन्न राज्यों के भारतीय मूल के निवासी भाइयों और बहनों का स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ तमाम भारतीयों की तरफ से।

आज से डेढ़ सौ साल पहले भारतीय मूल के लोग यहां आए और अपनी मेहनत, संघर्ष, योग्यता के बदौलत मॉरीशस के राष्ट्रीय धारा को नेतृत्व दिया। आज भी आपके दिलों में भारत है, वैसे ही हमारे दिलों में मॉरीशस बसा है। यहां आकर ऐसा नहीं लगता कि हम किसी दूसरे देश में हैं। मुझे इस बात की दिली खुशी है कि मैं जिस क्षेत्र से आता हूं शाहाबाद का बक्सर क्षेत्र जितना धार्मिक दृष्टि से पावन है। मॉरीशस में भी मुझे बक्सर और बिहार की धमक देखने को मिल रही है। आप सभी के दिलों में भारतीय संस्कृति और धरोहर की धड़कन मैं देख और सुन रहा हूं। मुझे गर्व हो रहा है कि अपनी जड़ों की गौरवशाली परंपरा रीति रिवाज और संस्कृति को आपने इतनी सदियों के बाद भी अपने दिलों में बसा कर रखा है। इससे और अधिक गौरव की बात कुछ नहीं हो सकती।

चौबे ने अपने भाषण में आगे कहा कि यहां के मंदिर शिवाला, गंगा तालाब और 11 मार्च 2018 को यहां के महात्मा गांधी संस्थान से स्कूली बच्चों द्वारा सामूहिक गायन “जियो और जीने दो” हमारी संस्कृति का शंखनाद करता है। स्वामी विवेकानंद के नाम पर यहां स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय “कॉटेज ऑफ कोर्ट” है मुझे इस बात की प्रसन्नता हो रही है। एक तरफ भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सबका साथ सबका विकास का नारा दिया और उसे सफल करने में लगे हुए हैं। वही पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानवतावाद का सिद्धांत दिया जिसे दुनिया मानती है।

अश्विनी चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि धन्य है यह धरती जिसके रोम रोम में कण-कण में प्यार, अपनत्व, ममत्व और अपनी जड़ की खुशबू विद्यमान है। चौबे ने कहा कि आपके इस शाश्वत प्यार में हिंद महासागर की गहराई हिमालय की ऊंचाई और गंगा जैसी पवित्रता साफ झलक रही है। एक पुरानी बहुचर्चित भोजपुरी सिनेमा के बोल को कोर्ट करते हुए अश्विनी चौबे ने कहा “हे गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाईबो मॉरिशस से कर दे मिलनवा कि हाय राम।”

अश्विनी चौबे ने अपने संबोधन में बक्सर की पावन धरती पर आने का निमंत्रण मॉरीशस के प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री कैबिनेट के सभी मंत्रीगण और मॉरीशस की जनता को दिया। चौबे ने बताया बक्सर की धरती श्री रामचंद्र की ज्ञान स्थली है तथा रामायण सर्किट से इसे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। मैं आमंत्रित करता हूं तमाम मॉरीशस वासियों का कि वह बक्सर की पावन धरती पर जरूर पधारें। अश्विनी चौबे ने इस बात को लेकर प्रसन्नता जाहिर किया की मॉरीशस और भारत में बहुत समानता है। खासकर बक्सर और बिहार तो मॉरिशस के कण-कण में बसा है। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जी हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझे मॉरीशस के स्वतंत्रता दिवस पर भारत की तरफ से राष्ट्रपति जी के साथ आने के लिए चुना।

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