नयी दिल्ली : बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीयू) ने गुरुवार को भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को उनकी पत्नी हसीन जहां द्वारा लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों से दोषमुक्त करार दे दिया जिसके बाद बोर्ड ने उनके केंद्रीय अनुबंध को मंजूरी दे दी. शमी को ग्रेड बी का वार्षिक अनुबंध दिया गया है जिससे उन्हें तीन करोड़ रुपये मिलेंगे. वह सात अप्रैल से शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी फ्रेंचाइजी दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेलने के लिये भी स्वतंत्र होंगे.

बीसीसीआई ने इससे पहले हसीन जहां के आरोपों के मद्देनजर शमी का अनुबंध रोके रखने का फैसला किया था. शमी पर उनकी पत्नी ने मैच फिक्सिंग, व्यभिचार और घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी. शमी ने सभी आरोपों का खंडन किया था. प्रशासकों की समिति (सीओए) ने विशेष तौर पर एसीयू के अपने प्रमुख नीरज कुमार से इन आरोपों की जांच करने के लिए कहा था कि इस गेंदबाज ने पाकिस्तानी महिला अलिश्बा के जरिये किसी मोहम्मद भाई से पैसे लिये थे.

सीओए ने मीडिया विज्ञप्ति में कहा, ‘माननीय उच्चतम न्यायालय से नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त और बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के प्रमुख नीरज कुमार से मोहम्मद शमी के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांच करने के लिए कहा था क्योंकि वे बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक संहिता से संबंधित हैं.’ इसमें कहा गया, ‘नीरज कुमार ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट सीओए को सौंप दी है. रिपोर्ट के निष्कर्ष के आधार पर सीओए का मानना है कि इस मामले में बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक संहिता के तहत आगे किसी तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं है.’ विज्ञप्ति के अनुसार, ‘इस कारण बीसीसीआई मोहम्मद शमी को ग्रेड बी वार्षिक अनुबंध को सौंपेगा.’

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