जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सांसद आरसीपी सिंह ने कहा कि शरद यादव और अली अनवर पर हुई कार्रवाई ऐसे नेताओं के लिए सबक है, जो पार्टी विरोधी कार्य करते हैं। यह देश में एक मिसाल कायम करेगा। दोनों नेताओं की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने की सभापति एम वेंकैया नायडू के निर्णय का जदयू स्वागत करता है। उन्होंने अपने निर्णय में एक-एक चीज को विस्तार से रख दिया है।

श्री सिंह ने पार्टी कार्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि दोनों नेताओं के खिलाफ हुआ फैसला देर से आया पर दुरुस्त आया। 27 अगस्त को दोनों नेता राजद की रैली में शामिल होकर स्वयं इच्छा से जदयू से अपने को अलग कर लिया था। अब लालू प्रसाद को चाहिए कि वे शरद यादव को राज्यसभा सदस्य बनाने के लिए तुरंत ऑफर करें। जिस प्रकार उन्होंने मायावती के लिए ऑफर किया था।

एक सवाल पर उन्होंने कहा लालू प्रसाद खुद घृणा और ईर्ष्या की राजनीति करते हैं। शरद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार पर आरोप लगते हैं और खुद एनडीए के शासन में केंद्र में मंत्री थे। उस समय उनका ईमाना कहां गया था। नीतीश कुमार का ईमान न कभी बदला है और न बदलेगा। शराद यादव किसी भी तरह राज्यसभा का सदस्य बने रहना चाहते थे। अली अनवर के बारे में कहा कि वे राजकोट में भारतीय ट्रैबेल पार्टी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे और अपने को जदयू नेता भी साबित करने में लगे थे। प्रेस कान्फ्रेंस में सांसद हरिवंश, प्रवक्ता नीरज कुमार, निखिल मंडल, अरविंद निषाद व चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी आदि उपस्थित थे।

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