Alert : मोबाइल से लोगों की सुनने की क्षमता हो रही कम

कान, नाक और गला की बीमारी को हल्के में न लें। बीमारी के लक्षण दिखने पर डॉक्टर की उचित सलाह जरूर लें। ऐसा कहना है आईजीआईएमएस ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सिंह का। डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि शोध से यह स्पष्ट हो चुका है कि बहरापन का एक कारण मोबाइल भी है। इससे सुनने की क्षमता कम होती जा रही है। मोबाइल यानी ध्वनि प्रदूषण और रेडिएशन दोनों से कान प्रभावित हो रहा है। गर्दन टेढ़ा कर मोबाइल से बात करने पर कान पर दबाव पड़ता है। जिसके कारण कान में दर्द होने लगता है। गाड़ी चलाते समय भी हेलमेट के अंदर मोबाइल से बात करना खतरनाक साबित हो रहा है। मौजूदा समय में सभी के पास मोबाइल है। यह तय मानिए कि हर कोई मोबाइल से प्रभावित हो रहा है। मोबाइल के कारण ही चिड़चिड़ाहट, आंख प्रभावित होना, कान का बहरापन की समस्याएं हो रही हैं। खुद को तो प्रभावित करते ही हैं साथ ही जिससे बात करते हैं उसका भी कान प्रभावित होता है।
सवाल : कान में दर्द, चक्कर आना, सनसनाहट और कान भारी जैसा महसूस होता है। (गोपालगंज से मोहम्मद अयातुल्ला, मुजफ्फरपुर से संजय, मुकेश, पटना से दीपक, तरुण घोष, गोपालगंज से अभिनंदन शर्मा, दरभंगा से सोनी)
जवाब: कान पर जब दबाव बढ़ेगा तो दर्द होगा। खतरे की कोई बात नहीं है। ज्यादा दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। कान का पर्दा फटने से भी दर्द होता है। ऐसा है तो ऑपरेशन इसका उपाय है। कुछ सावधानियां बरतनी होगी जैसे चाय, कॉफी, पनीर का सेवन न करें। इसके अलावा कड़ी चीज का सेवन करने से बचें। मुंह अधिक न खोलें। कान में भारीपन महसूस हो तो बाहर निकलते समय कॉटन का गोला बनाकर कान के बाहरी हिस्से में लगा लें। अधिक तनाव के कारण भी सनसनाहट की समस्या हो सकती है। पहले तो इसकी जांच करा लें। सिटी स्कैन कराने के बाद ही इलाज कराएं।
सवाल : गला में दर्द, सर्दी और खांसी की समस्या लगातार रहती है। बार-बार सरकने की समस्या है। नाक और गला जाम रहने जैसा महसूस होता है। नाक से हमेशा पानी गिरता है। (गायघाट से गौरव, मोतिहारी से विकास मंडल, गणेश कुमार झा, पटना से राजेन्द्र सिंह, भागलपुर से हीरालाल भगत, डेहरी ऑन सोन से महमूद आलम, नवादा से गौतम)
जवाब: गला में ज्यादा दर्द रहता है तो बिना देर किए संबंधित डॉक्टर से मिलें। जांच के बाद ही इलाज शुरू कराएं। सर्दी और खांसी लगातार है तो सबसे पहले धूलकण से बचें। नाक और गला जाम जैसा महसूस हो तो मिलावट की चीजें खाने से बचें। नाक से लगातार पानी गिरना संक्रमण हो सकता है। इसके लिए डॉक्टर से मिलकर सलाह लें।
सवाल: बचपन से कान बहता है। सुनाई नहीं देता है। कान में झनझनाहट होती है। कान में छेद है, जिससे दर्द होता है। मशीन लगाने पर भी सुनाई नहीं देता है। (पटना से सविता देवी, औरंगाबाद से गौरी सिंह, सीतामढ़ी से कपीस, मोतिहारी से रोहन , दक्षिणी मंदिरी पटना से लालबाबू सिन्हा)
जवाब : कई बार डायबिटीज बढ़ने पर कान से सुनाई नहीं देता है। लंबे समय तक डायबिटीज होने पर यह समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टर से सलाह लेकर डायबिटीज नियंत्रित करें नहीं तो हृदय और किडनी भी प्रभावित हो सकती है। कान में झनझनाहट का कारण कान का पर्दा फटना हो सकता है। ऐसा होने पर जांच कराने के बाद ऑपरेशन कराना होगा। रही बात सुनाई नहीं देने की तो इसके कई कारण हो सकते हैं। इसके लिए डॉक्टरी सलाह लें। अगर मशीन लगाने पर भी सुनाई नहीं दे रहा है तो हो सकता है कि मशीन की सेटिंग में गड़बड़ी हो सकती है। मशीन की सेटिंग ठीक कराने पर इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
सवाल : जबड़े में दर्द रहता है। आवाज बैठ गई है। दो महीने से मुंह में छाला पड़ा हुआ है। सिर में हमेशा दर्द रहता है। (दानापुर से गीतांजली, सहरसा से ममता कुमारी)
जवाब: जबड़े में दर्द है तो इसके लिए कड़ा भोज्य पदार्थ खाने से बचें। मुंह अधिक न खोलें। नींद पूरी लें ताकि दिन में जम्हाई कम आए। जिनकी आवाज बैठ गई है, उन्हें सबसे पहले इंडोस्कोपी करानी होगी। घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर से मिलकर उचित इलाज शुरू कराएं। मुंह में छाला पड़ गया है तो इसके लिए पेट साफ रखें और तनाव में ज्यादा नहीं रहे। जो दवा चल रही है उसे निरंतर लेते रहें। अगर फिर भी ठीक नहीं हो रहा तो डॉक्टर से मिलें। सिर में हमेशा दर्द है तो यह मिर्गी की बीमारी हो सकती है। पहले एमआरआई करा लें इससे पता चल जाएगा कि किस प्रकार की मिर्गी है फिर इलाज शुरू कराएं।
सवाल: नाक बंद हो जाता है। साइनेस है क्या करें? नाक की हड्डी टेढ़ी हो गई है। तेज दौड़ने पर नाक लहरने लगता है। (नवादा से सुभाष और सौरभ, बेगूसराय से गौरव , हाजीपुर से अजीत सिंह, पूर्णिया से मदन विश्वास)
जवाब: नाक बंद की समस्या है तो पहले सिटी स्कैन करानी होगी। धूलकण से बचें। दवा चल रही है तो उसे नियमित लेते रहें। साइनस का स्थायी इलाज है। पटना में ही आईजीआईए

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