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मार्च में ही जून की गर्मी का अहसास, सूरज की तपिश से झुलसने लगे लोग, जानिए मौसम पूर्वानुमान

ByRajkumar Raju

Mar 22, 2022

इस बार मार्च में ही जून की गर्मी का अहसास हो रहा है। पिछले एक सप्ताह में पांच डिग्री सेल्सियस तापमान बढऩे से सूरज की गर्मी लोगों को झुलसाने लगी है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। तापमान इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान होगा और पैदावार कम हो जाएगी।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग की मानें तो तापमान में वृद्धि होने का संकेत हैं। आसमान में छिटपूट बादल छाये रहेंगे। बारिश होने के आसार नहीं हैं। दिन काफी गर्म होगा जबकि आधी रात के बाद थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

पशुओं की सेहत का रखें खयाल 

कृषि विज्ञान केंद्र सबौर के पशु विज्ञानी डा. जेड होदा ने बताया कि इस गर्मी पशुओं को विशेष ध्यान रखें। सेड हवादार बनाएं। जानवरों को तेज गर्म हवा से बचाएं। छाया में रखें। पशु के आसपास पानी रखें ताकि वह समय समय पर अपनी प्यास बुझा सके। पशुओं को स्नान कराएं। खान पान का विशेष ध्यान रखते हुए रोज मिनिरल्स और विटामिन दें।

पिछले दिनों ऐसे बढ़ा तापमान 

  • 12 मार्च 30.8, 17.0
  • 13 मार्च 31.8, 16.5
  • 14 मार्च 32.5, 17.5
  • 15 मार्च 33.0, 17.5
  • 16 मार्च 33.2, 19.6
  • 17 मार्च 33.6, 22.0
  • 18 मार्च 33.5, 22.5
  • 19 मार्च 35.0, 22.0

तापमान में वृद्धि के संकेत हैं। तापमान ज्यादा बढऩे से फसल के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। फिलवक्त किसानों को सिचाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। – डा. वीरेंद्र कुमार मौसम विज्ञानी बीएयू सबौर

लू की चपेट में आने से बचें, पानी ज्यादा पीयें 

बढ़ते तापमान से अब अवाम परेशान होने लगा है। कड़ी धूप में निकलने से लू लगने की संभावना होती है वहीं शरीर में नमक और पानी की कमी की वजह से बीमार हो सकते हैं। आंखों में तेज रोशनी भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए सावधानी बरतनी आवश्यक है।

फिजिशियन डा. भारत भूषण ने कहा कि तापमान बढ़ रहा है। इससे शरीर में पानी की कमी होने की संभावना बढ़ जाती है। लू भी लग सकता है। इसलिए घर से निकलने के पहले पानी ज्यादा पीना चाहिए। नमक, चीनी, नींबू को पानी में डालकर पीने से शरीर में पानी की कमी दूर होती है। खाली पेट घर से बाहर निकलने से भी लू लगने की संभावना बढ़ जाती है। अपच की समस्या ना हो इसके लिए गरिष्ठ भोजन नहीं करें। सुपाच्य भोजन करें ताकि आसानी से पच जाय। अपच होने से डायरिया होने की संभावना बढ़ जाती है।

मौसमी फलों का सेवन करना भी सेहत के लिए लाभदायक है। गर्मी में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ता है। इससे फाइलेरिया, मलेरिया आदि रोग होते हैं। इसलिए सोते वक्त मच्छरदानी का उपयोग करें। चर्म रोग विशेषज्ञ डा. राजीव रंजन ने कहा कि तेज धूप में निकलने पर त्वचा झुलसने लगती है। इसलिए फूल कपड़ा पहने। मास्चराइजर लगा कर निकले। छाता और टोपी पहनने से भी तेज धूप से बचाव होता है। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. पम्मी राय ने कहा कि तेज धूप से आंखे प्रभावित होती हैं। इसलिए धूप का चश्मा पहनना चाहिए। ताकि आंखों को आराम मिले।