मार्च तक बिहार के सभी पेट्रोल पम्पों और गाड़ियों के शोरूम में खुलेगा प्रदूषण जांच केंद्र

बिहार के सभी पेट्रोल पम्प और गाड़ियों के शो-रूम व सर्विस सेंटर में प्रदूषण जांच केंद्र होंगे। अगले दो महीने यानी मार्च तक इस निर्णय पर अमल हो जाएगा। परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में इस बाबत अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया है।

राज्य में अधिक प्रदूषण जांच केंद्र खोलने का मकसद यह है कि गाड़ी मालिकों को पॉल्यूशन जांच कराने में परेशानी न हो। साथ ही केंद्र खोलने से लोगों को रोजगार भी मिले। विभाग ने सभी डीटीओ, एमवीआई को कहा है कि कई जिलों में पॉल्यूशन सेंटर कम खुले हुए हैं। राज्य सरकार की मंशा सभी प्रखंडों में प्रदूषण जांच केंद्र खोलने की है। पर, अभी भी कई प्रखंडों में यह सुविधा नहीं है। इसलिए सभी प्रखंडों में जांच केंद्र अनिवार्य रूप से हो।

अधिकारियों को लगाई फटकार

जिन प्रखंडों में अब तक जांच केंद्र नहीं खुले हैं, वहां के अधिकारियों को फटकार लगाई और दो महीने में इसे सुनिश्चित करने को कहा। परिवहन सचिव ने सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान जिलों में हो रही गतिविधियों की जानकारी ली।

जागरूकता अभियान नियमित चलाएं

वाहन जांच व लोगों को परिवहन नियमों का पालन करने के लिए जागरूकता अभियान नियमित चलाने को कहा। सुरक्षा माह में कहां कितनी गाड़ियों पर कार्रवाई हुई और कहां किस तरह से कार्यक्रम हुआ, इसकी पूरी जानकारी विभाग को देने को कहा गया है।

अधिक प्रदूषण जांच केंद्र खुले, इसलिए शुल्क में हुई है कटौती

राज्य में अधिक से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना हो सके इसके लिए राज्य सरकार ने लाइसेंस लेने, नवीकरण, आवेदन सहित अन्य शुल्क में कमी की गई है। साथ ही वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों का लाइसेंस या लाइसेंस का रिन्यूअल आसानी से हो सके इसके लिए ऑनलाइन शुल्क जमा करने की व्यवस्था की गई है।

  1. प्रदूषण जांच केंद्र की लाइसेंस के लिए फीस – 5000- पहले 12000

  2. लाइसेंस का नवीकरण करने को फीस अब 5000- पहले 12000

  3. द्वितीयक अनुज्ञप्ति निर्गत करने को पहले फीस-500 अब, पहले 500

  4. प्रदूषण जांच केंद्र के लाइसेंस जारी/नवीकरण को आवेदन फीस- 1000

 

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