स्पिनर्स या पेसर्स, मोटेरा स्टेडियम में किसका रहेगा बोलबाला, जानें क्या कहते हैं आकंड़े

विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के तहत भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 4 मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच गुलाबी गेंद से डे-नाइट प्रारूप में खेला जाना है। 24 फरवरी से खेले जाने वाले इस मैच की मेजबानी अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम कर रहा है, जहां पर नवनिर्माण के बाद पहली बार अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला जा रहा है। पुराने स्टेडियम को तोड़कर दोबारा बनाये गया यहा स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम है जिसमें एक बार में एक लाख 10 हजार दर्शक एक साथ बैठकर मैच का लुत्फ उठा सकते हैं। वहीं 1-1 की बराबरी पर चल रही इस सीरीज के तीसरे मैच से पहले फैन्स लगातार यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि मोटेरा स्टेडियम की पिच किस तरह से काम करने वाली है, क्या यह स्पिनर्स को मदद देगी या फिर सीमर्स और पेसर्स की इस मैच में वापसी होगी।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने कहा था कि अगर यह पिच सीमर्स की मददगार साबित होती है तो जेम्स एंडरसन के कहर से भारत को कोई नहीं बचा सकता। ऐसे में हम आपके पास आंकड़ो का एक मैप लेकर आये हैं जो आपको बतायेगा कि इस पिच पर किसे ज्यादा मदद मिलने वाली है स्पिनर्स को या फिर पेसर्स को।

मोटेरा में हावी रहा है स्पिनर्स का दबदबा

रिपोर्ट की मानें तो अहमदाबाद में होने वाले इस मैच को लेकर जो पिच तैयार की जा रही है वह स्पिन फ्रैंडली होगाी, हालांकि रिकॉर्ड पर नजर डालें तो मोटेरा की पिच पर हमेशा से स्पिनर्स का बोलबाला रहा है। पुराने मोटेरा स्टेडियम पर 12 टेस्ट मैचों का आयोजन किया जा चुका है और आपको हैरान होगी कि स्पिन गेंदबाजों ने पेसर्स के मुकाबले में दोगुने विकेट हासिल किये हैं। ऐसे में तीसरे टेस्ट मैच में एक बार फिर से रविचंद्रन अश्विन की फिरकी का कमाल देखने को मिल सकता है जिन्होंने पहले 2 टेस्ट मैच में अब तक 17 विकेट हासिल किये हैं।

मोटेरा स्टेडियम पर लिये गये विकेटों की बात करें तो यहां पर 32 स्पिन बॉलर्स ने गेंदबाजी की है और इन स्पिन गेंदबाजो ने यहां पर खेले गये 12 टेस्ट मैचों में 32 की औसत से 132 विकेट हासिल किये हैं, जिसमें गेंदबाजों ने 8 बार पारी में 5 विकेट हॉल लेने का कारनामा किया है जबकि 3 बार मैच में 10 विकेट लेने का काम किया है। वहीं स्पिनर्स ने इस मैदान पर फेंके गये 1622 ओवर्स में 400 ओवर्स मेडेन फेंके हैं।

स्पिनर्स से आधा रहा है पेसर्स का प्रदर्शन

इतना ही नहीं इस मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक दो मैच खेले गये हैं जिसमें से एक भी मैच में इंग्लिश टीम को जीत नहीं मिल सकी है। भारतीय टीम ने एक मैच में जीत हासिल की है तो वहीं पर एक मैच ड्रा रहा है। इस मैदान पर तेज गेंदबाजों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो 12 मैचों में सिर्फ 59 विकेट ही पेसर्स के खाते में गये हैं, इस दौरान उनका औसत लगभग 35 का है। इस मैदान पर 26 तेज गेंदबाजों ने मिलकर 737 ओवर्स फेंके हैं जिसमें से 157 ओवर ही मेडेन रहे हैं। ऐसे में आप दोनों के आंकड़ों की तुलना करते हैं तो न सिर्फ विकेट के मामले में बल्कि किफायती गेंदबाजी के मामले में भी स्पिनर्स ने पेसर्स पर बढ़त हासिल की है।

मोटेरा में फ्लॉप रहे हैं इंग्लैंड के पेसर्स

वहीं इंग्लैंड टीम की बात करें तो वह मोटेरा के मैदान पर खेले गये 2 मुकाबलों में 9 पेसर्स का इस्तेमाल कर चुकी है जिन्होंने 147 ओवर्स बॉलिंग कर सिर्फ 5 विकेट झटकने का काम किया है। इस दौरान एक पारी में 2 विकेट हासिल करना उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा है। वहीं इंग्लिश स्पिनर्स की बात करें तो उन्होंने इस मैदान पर 225 ओवर फेंक कर 15 विकेट हासिल किये हैं जिसमें उन्होंने 2 पारी में 5 विकेट हासिल करने का काम किया है। इतना ही नहीं औसत की बात करें तो पेसर्स का 82 का रहा है तो स्पिनर्स का 40 का रहा है। ऐसे में एक बार फिर से इस पिच पर स्पिनर्स का बोलबाला देखने को मिल सकता है।

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