कोरोना की शांति में धूम मचा गई बांका की हरियाली, IRSF की सेटेलाइट रिपोर्ट में बढ़ा 16 वर्ग किमी वन क्षेत्र

Green tree tops

कोरोना महामारी ने दुनिया को आक्सीजन की महत्ता समझा दी है। पूरी दुनिया हरियाली बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस संकट के बीच देश के पिछड़े जिलों में शुमार बांका से अच्छी खबर मिली है। कोरोना की शांति के बीच बांका में 16.29 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र बढ़ गया है। इस बात का पता पिछले महीने जारी भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2021 से चला है।

रिपोर्ट में बांका जिला बिहार ही नहीं, देश में सबसे अधिक वन क्षेत्र बढ़ाने वाला जिला बना है। हरियाली बढ़ाने की अच्छी रिपोर्ट तब सामने आई है, जब बिहार के अधिक वन क्षेत्र वाले कैमूर, रोहतास और सुपौल जिले में वन क्षेत्र पहले से कम हो गया है। सबसे बड़ी बात यह भी कि आइएसएफआर 2019 की सेटेलाइट रिपोर्ट में भी बांका में 20.73 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र बढ़ गया था।

इसके पहले 2010 की रिपोर्ट में भी बांका के साथ जमुई में भी रिकार्ड वन बढऩे पर बिहार को भारत सरकार ने सम्मानित किया था। इस बार की रिपोर्ट में भी जमुई में 13.22 वर्ग किलोमीटर और पूर्वी चंपारण में 12.24 किलोमीटर वन क्षेत्र बढ़ गया है।

सबसे अधिक वन वाले रोहतास में भी कमी हरियाली : बिहार में सबसे अधिक 3881 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र रोहतास के पास है। यह उसके भौगोलिक क्षेत्रफल का 17.26 प्रतिशत है। पिछले दो साल के दौरान रोहतास में 2.32 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र कम हो गया है। 3332 वर्ग किलोमीटर वन वाले कैमूर में भी 4.83 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र घट गया है। कैमूर के क्षेत्रफल के 31 प्रतिशत हिस्से में वन है। सुपौल में 4.46 वर्ग किमी वन क्षेत्र कम हो गया है।

भारत वन सर्वे 2021 की रिपोर्ट में बांका में 16 वर्ग किलोमीटर से अधिक वन क्षेत्र बढ़ा है। जिले के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। बांका में हर साल पौधारोपण हो रहा है। वन क्षेत्र के अलावा पब्लिक क्षेत्र में भी पौधारोपण किया जा रहा है। – अभिषेक कुमार सिंह, डीएफओ, बांका