ट्रैक्टर परेड का प्रारूप तैयार, मोदी सरकार के खिलाफ होंगी झांकिया, युवा करेंगे करतब तो महिलाएं भजन कीर्तन

26 जनवरी के दिन राजधानी में लोगों को दो परेड देखने को मिलेगी। पहली परेड दिल्ली के राजपथ पर होगी तो दूसरी दिल्ली की सीमाओं पर। एक परेड में जहां सेना अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेगी तो वहीं दूसरी में देशभर से आए किसान दिल्ली की सीमाओं पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद करेगे। शांतिपूर्ण तरीके से निकलने वाली इस ट्रैक्टर परेड की किसान यूनियनों ने तैयारी पूरी कर ली है। देश में पहली मर्तबा निकलने वाली इस परेड में नए कृषि कानूनों के खिलाफ झांकिया, देशभक्ति के गीत, भजन-कीर्तन और युवा नौजवानों के करतब तक देखने को मिलेगे। राजपथ पर परेड के खत्म होने के साथ शुरू होने वाली हजारों ट्रैक्टरों की परेड देर शाम तक दिल्ली की सीमाओं पर चलेगी

एक साथ एक समय सभी सीमाओं से शुरू होगी टैक्टर परेड 
किसान नेता राकेश टिकैत ने अमर उजाला को बताया कि, जैसे ही राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड खत्म होगी, किसानों की टैक्टर परेड शुरू हो जाएगी। ये ट्रैक्टर परेड गाजीपुर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर से एक साथ एक ही समय पर रवाना होगी। एक परेड सिंघु बॉर्डर से शुरू होकर संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, गोहना, कंझावला, ओचंदी से होता हुआ कुंडली मनेसर सीमा से वापस सिंघु बॉर्डर पर आकर खत्म होगी। टिकरी बॉर्डर से शुरू होने वाली परेड नांगलोई, नजफगढ़, ढांसा बार्डर से बादली जाएगा और वहां से वापसी होगी। वहीं तीसरी परेड गाजीपुर बॉर्डर शुरू होकर आनंद विहार के रास्ते अप्सरा बॅार्डर से शाहदरा, मोहन नगर, गाजियाबाद से दुहाई होते हुए डासना से वापस लौटेगी।

निकलेंगी झांकियां, देशभक्ति गीतों से बढ़ाया जाएगा जोश
किसान नेता प्रतिभा शिंदे ने अमर उजाला  को बताया कि, सभी ट्रैक्टरों पर पोस्टर भी लगाए जाएंगे। जिन पर किसान एकता जिंदाबाद और काले कानून रद्द करो जैसे नारे लिखे होंगे। इसके अलावा कुछ काले कानून से प्रभावित होती खेती को लेकर कुछ झांकियां भी तैयारी की जा रही हैं। महिला किसानों का जत्था परेड में भजन और देशभक्ति के गीत गाते हुए चलेगा। इसके अलावा बॉर्डर पर कुछ युवा लोगों ने भी अपने अपने स्तर पर कुछ देशभक्ति के गीत पर कार्यक्रम तैयार किए है। वे परेड में इसका प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने आगे बताया कि, राजस्थान और हरियणा की महिला किसान परेड के लिए विशेष नृत्य भी तैयार कर रही हैं। वही सिख समाज की एक टीम परेड में कीर्तन करते हुए भी चलेगी। वहीं लोगों को खाने-पीने के लिए कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए परेड में खाने-पीने का भी इंतजाम किया गया है। परेड में वॉलंटियर्स की तैनाती की गई है जो ट्रैक्टर परेड के दौरान यातायात संबंधी व्यवस्था देखेंगे। ट्रैक्टर परेड के साथ साथ 40 एंबुलेंस भी चलेंगी।

परेड में अव्यवस्था न हो इसलिए शामिल नहीं होंगे कलाकार

भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने अमर उजाला को बताया कि, फिल्हाल किसी भी फिल्मी कलाकार या संगीतकार को हम इस परेड में नहीं बुला रहे हैं। क्योंकि अगर कोई शामिल होता है तो पूरी भीड़ उस कलाकार के पीछे हो जाएगी। जिससे परेड में अव्यवस्था हो सकती हैं। इसके कारण हमने किसी को नहीं बुलाने का निर्णय लिया है। ट्रैक्टर परेड में शामिल होने वाले टैक्टर में किसी भी तरह का कृषि यंत्र या कोई औजार नहीं होगा। एक-एक ट्रैक्टर को जांचने की जिम्मेदारी लोकल स्तर के किसान यूनियन के नेताओं को दी गई है। सब जांच पड़ताल के बाद ही ट्रैक्टर को परेड में शामिल किया जाएगा। ट्रैक्टर परेड शांतिपूर्ण हो इसका जिम्मा किसान संगठनों को ही दिया गया है। एक टैक्टर पर ड्राइवर सहित तीन लोग होंगे। ट्रैक्टर पर किसान संगठन का झंडा के अलावा तिरंगा झंडा लगाना अनिवार्य होगा।

उन्होंने बताया,सभी किसान यूनियनों के नेता भी ट्रैक्टर पर होंगे। महिला किसानों की  बैठने व्यवस्था पीछे ट्रॉली में की जाएगी। सांकेतिक रूप से कुछ महिला किसान ड्राइवर के साथ ट्रैक्टर पर भी होंगी। सभी किसान नेताओं की निगरानी में ट्रैक्टरों का पंजीयन किया जा रहा है। उन्हीं किसानों को परेड में भाग लेने की अनुमति होगीए जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस होगा। उन्हें इसकी साफ्ट कॉपी अपने मोबाइल फोन में रखनी होगी। गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के हजारों किसान नवंबर के अंत से सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे पिछले साल सितंबर में संसद द्वारा पारित तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।

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