यहां मूलभूत सुविधा के इंतजार में पथरा गई आंखें। 


यहां कहने को शहर की व्यवस्था है। लेकिन सुविधा गांव से भी बदतर है। मूलभूत सुविधा की आस लगाए वार्ड के लोग बैठे है। हाल नगर निगम के वार्ड एक की है। जहां लालूचक व बड़की दीदी लेन में बिजली नहीं पहुंच सकी है। गंगा कटाव से विस्थापित होकर दियारा के 300 परिवारों ने बसेरा डाल दिया। इन्हें बिजली के कनेक्शन से वंचित रखा गया। विवशता में कुछ लोगों ने अवैध रूप से बिजली का लाभ उठा रहे हैं। लड़की के पोल पर बिजली की आपूर्ति की जाती है। आरसीसी पोल की मांग वर्षो से की जा रही है, लेकिन बिजली विभाग मांग को दरकिनार कर रखा है। चंपा नदी के किनारे सघन आबादी के बीच कूड़ा आठ से 10 वार्डो का कूड़ा डंप किया जाता है। जिसका लोगों के सेहत पर असर पड़ रहा है। साथ ही चंपा नदी का तटवर्ती क्षेत्र प्रदूषित हो गई है। तीन बो¨रग होते हुए स्वच्छ जल पाइप के अभाव में नहीं पहुंच रहा है। दो से अधिक घर तक पानी पहुंचाने के लिए आधे किमी पाइप की आवश्यकता है। नारायण घोष लेन में 25 घर, महादलित टोला में 30 घर, लालूचक में तीन दर्जन से अधिक घर पानी से वंचित है। वार्ड एक में तीन कार्यकाल में पहला कार्यकाल देवाशीष बनर्जी, दूसरा व तीसरा कार्यकाल उनकी पत्‍‌नी काकुली बनर्जी पार्षद है। काकुली का दावा है कि वार्ड में 37 सड़कों का निर्माण हुआ है। बुजुर्ग के लिए वृद्धाश्रम की व्यवस्था, स्लम क्षेत्र में 600 से अधिक शौचालय का निर्माण कराया गया। बुनकरों को बिजली सब्सिडी के लिए सर्वे कार्य कराने में सफलता मिली है। जलापूर्ति के लिए महाशय डयोढ़ी व महंथजी ठाकुरबाड़ी में जलमीनार को भूमि उपलब्ध कराया गया है। स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए जमीन की व्यवस्था कराई गई है। बैरिया व श्रीरामपुर घाट पर पुल निर्माण कराने में उपलब्धि मिली है।

यहां बच्चों को हर दिन मिली नई जिंदगी :

शैक्षणिक व्यवस्था के लिए वार्ड में स्कूल तो हैं, लेकिन आधारभूत संरचना का खास्ता हाल है। यहां हर रोज बच्चे स्कूल तो हैं पर नई जिंदगी लेकर वापस लौटते है। वार्ड के चौकी नियामतपुर प्राथमिक विद्यालय का भवन हो चुका है जो कभी भी ध्वस्त हो सकता है। छत का मलवा गिर रहा है। बच्चे इसी खतरनाक भवन में अध्ययन करने को मजबूर है। विद्यालय की दीवार में दरार आ चुकी है। वर्ग से एक से पांच में अध्ययनरत 84 छोटे बच्चों के आंखों में भय साफ दिखता है। प्रधानाध्यापिका रंजना कुमारी ने इस समस्या से बीआरसी को अवगत करा चुकी है। बावजूद शिक्षा विभाग है कि बच्चों की परेशानी पर संज्ञान नहीं ले रही है। विभाग में बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रही है।

अधूरे पुल पर थम गया विकास :
वार्ड एक को दियारा से जोड़ने वाली बैरिया पुल का संपर्क पथ नहीं बन पाया। छह वर्ष पूर्व पुल बन कर तैयार हो गया है। भू-अर्जन के कारण संपर्क पथ नहीं बनने से विकास की गति थम गई। जबकि पुल का क्षेत्र नगर निगम में आता है। संपर्क पथ की अड़चनों को दूर करने का प्रयास खानापूर्ति के लिए किया जाता है। बहरहाल वार्ड का लालूचक क्षेत्र बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। जिससे बाढ़ में घर छोड़ने को विवश होना पड़ता है। हालांकि बंगालीटोला-श्रीरामपुर घाट के चंपा नदी पर नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। जो शहर के साथ वार्ड के विकास के द्वार खोल देंगे। इस पुल से शहर के यातायात का बोझ घटेगा और पटना की ओर आने-जाने के लिए बायपास के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे।

वार्ड की चौहदी :

उत्तर :जमुनियां नदी

दक्षिण: एमटीएन घोष लेन

पूरब : नरगा

पश्चिम : विषहरी स्थान

वार्ड एक नजर में :

मतदाता : नौ हजार

आबादी : 24 हजार

होल्डिंग :1023

एपीएल : 1402

बीपीएल : 739

अंत्योदय लाभुक : 87

पीएचएच कार्ड : 1102

लेन :24

पेंशन लाभुक : 302

चापाकल : 33

आंगनबाड़ी : पांच

बो¨रग : तीन

सामुदायिक भवन : तीन

प्राथमिक विद्यालय: दो

मध्य विद्यालय :दो

रंगमंच : दो

सामुदायिक शौचालय : तीन

चौपाल : एक

वृद्धाश्रम : एक

पीएचसी : एक

स्ट्रीट लाइट : 34 हैं 20 की जरूरत

स्लम क्षेत्र : 12

प्याऊ : दो
परिचर्चा :

विकास के नाम पर सिर्फ छलावा हुआ है। नाला व सड़क का निर्माण गुणवत्ता के अनुसार नहीं हुआ। पेंशन से जरूरतमंद व गरीब वंचित रह गए। भूमि के अभाव में शौचालय का निर्माण नहीं हो सका। सामुदायिक शौचालय की आवश्यकता है।

प्रतिद्वंदी : नरेश महाराणा
वार्ड में गलियों तक सड़क व नाले का निर्माण हुआ। बिजली कनेक्शन व ड्रेनेज सिस्टम को दुरूस्त करने का निरंतर प्रयास रहा। पहले कार्यकाल में एक करोड़, दूसरे में 14 करोड़ व इस कार्यकाल में 24 करोड़ से कार्य हुआ। वार्ड को अति पिछड़ा वर्ग महिला करने के बाद अब वार्ड दो से चुनाव लड़ने का मन बनाया है।

– काकुली बनर्जी, वार्ड एक

जनता के नजर में विकास :

1. बड़की दीदी लेन में पोल नहीं है। शहर की व्यवस्था में बिजली की सुविधा से वंचित है। 300 घर कनेक्शन के अभाव में अवैध रूप से बिजली का उपयोग लोग कर रहे हैं।

-छेदी प्रसाद राय

2. वार्ड में न नाला की न पानी की सुविधा है। चापाकल के सहारे लोगों को निर्भर रहना पड़ता है। मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

– उषा देवी

3. वार्ड में विकास हुआ है। शिक्षा का स्तर भी बढ़ा है। सफाई की व्यवस्था लचर है। एक सप्ताह में भी कूड़े का उठाव नहीं होता है। त्योहार के समय सिर्फ चूना व ब्लीचिंग का छिड़काव किया जाता है।

– सोनू कुमार ठाकुर

4. बुनकर को बाजार के अभाव में पलायन करना पड़ रहा है। तैयार कपड़ों को बाजार के अभाव में ओने-पोने कीमत में बेचने को विवश है।

– विकास सेठ

5. चार वर्षो में वार्ड में काम नहीं हुआ। चुनाव की घोषणा होते ही वार्ड में नाला व सड़क का निर्माण हो रहा है। पेयजल की समस्या है। लोगों को दूषित जल का सेवन करना पड़ रहा है।

-सुधंाशु प्रसाद

Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *