पटना: जदयू चिकित्सा सेवा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दृढ़ इक्षाशक्ति और संकल्प से दशकों के संघर्ष के बीच कम समय में जाति आधारित सर्वे के आंकड़े एकत्रित एवं उन्हें प्रकाशित कर एक बार फिर से देश में इतिहास रचने का काम किया है। उन्होंने कहा की इस सर्वेक्षण ने ना सिर्फ बरसों से लंबित जातिगत आंकड़े प्रदान किए हैं बल्कि उनकी सामाजिक आर्थिक स्थिति का भी ठोस संदर्भ दिया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब वंचित, पिछड़े ,अति पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज के साथ साथ सामाजिक न्याय में आस्था रखने वाले सवर्ण जातियों के समग्र विकास सुनिश्चित करने का काम करेगें। पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश के समक्ष एक नजीर पेश की है और सामाजिक , आर्थिक न्याय की मंजिलों के लिए एक लंबी लकीर खींच दी है।

आगे उन्होंने कहा की बिहार में जातीय जनगणना कार्य सफल होने पर आज पूरे देश में करवाने की आवाज उठ रही है।बिहार ने एक बार फिर से देश को दिशा दिखाई है और आगे भी दिखाता रहेगा।और यह सब संभव होने के पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दृढ़ संकल्प है।देश एक बार फिर से बिहार मॉडल को अनुसरण करने की कतार में खड़ा है।

पांडेय ने कहा कि बिहार में जातीय जनगणना के बाद से ही भाजपा में भय व्याप्त हो गई है।उसे अब पूरी तरह डर सताने लगा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में उसे पूरी तरह हार का स्वाद चखना पड़ेगा तथा केंद्र की सत्ता से बेदखल होना तय है।पांडेय ने कहा की भाजपा को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीति रणनीति से ज्यादा डर समा गई है।उनकी बेदाग छवि और लोकप्रियता के साथ साथ लंबे समय का संसदीय प्रणाली और राजनीतिक अनुभव से बीजेपी में भय व्याप्त है।


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