Bihar

जमीन विवाद सुलझाने के लिए अधिकारी ने ली रिश्वत तो विजिलेंस ने दबोचा

जमीन विवाद के मामले में पक्ष में फैसला देने के लिए 40 हजार रुपये रिश्वत लेते कार्यपालक दंडाधिकारी निरंजन शर्मा को निगरानी की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित दंडाधिकारी के कार्यालय में की गई। निगरानी की टीम निरंजन शर्मा को अपने साथ पटना ले गई। सोमवार दोपहर बाद जिस समय छापेमारी की जा रही थी उस वक्त एसडीओ कार्यालय परिसर में भीड़-भाड़ थी। कई लोग कार्यालय के काम में लगे हुए थे।

शहर के इस्लामनगर निवासी (मूल निवासी गिरदा, जोकीहाट) मो. उस्मान पिता आलमगीर का जमीन से संबंधित एक मामला निरंजन शर्मा के न्यायालय में चल रहा था। 63एम/18 के मामले में उस जमीन पर धारा 144 लागू थी। उस्मान के पक्ष में फैसला देने के बदले कार्यपालक दंडाधिकारी निरंजन शर्मा 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। उस्मान 10 हजार रुपये अग्रिम दे चुका था। बार-बार उससे दंडाधिकारी 40 हजार की मांग कर रहे थे। इससे आजिज आकर उस्मान ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग पटना से की। शिकायत की सत्यता जांचने के बाद टीम ने सोमवार को छापेमारी कर रिश्वत की रकम के साथ उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

निगरानी टीम के डीएसपी जमीरउद्दीन ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि इस्लामनगर के मो. उस्मान की शिकायत पर मामले का सत्यापन किया गया और फिर रिश्वत की रकम लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया।

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