केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग एवं पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर 50 किलोमीटर पर आधुनिक एंबुलेंस तैनात होंगी। साथ ही, राजमार्गों से ट्रामा सेंटर को जोड़ा जाएगा ताकि घायलों का सही इलाज मिल सके। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में जैव ईंधन और इलेक्ट्रिकल वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाएंगे। इससे प्रदूषण को भी कम किया जा सकेगा। गडकरी मंगलवार को एक्सपो मार्ट में इंटरनेशनल रोड फेडरेशन (आईआरएफ) द्वारा आयोजित 18वें वर्ल्ड रोड कांग्रेस के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा चुनौती है। सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने के लिए काम चल रहा है। इसके परिणाम भी सामने आने लगे हैं।
सड़क हादसों में करीब चार प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए रोड इंजीनियरिंग में सुधार, नई तकनीक का इस्तेमाल, सड़कों की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने, जागरूकता, शिक्षा आदि की जरूरत है। इसे किया जा रहा है। हाईवे पर सीसीटीवी और स्पीडो मीटर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में 7500 किलोमीटर नौपरिवहन होता है। इसको 20 हजार किलोमीटर करने का लक्ष्य है। कार्यक्रम में आईआरएफ के चेयरमैन केके कपिला, परिवहन मंत्रालय के सचिव युद्धवीर सिंह मलिक भी मौजूद रहे।
न्यू मोटर व्हीकल एक्ट नई दिशा देगा
गडकरी ने कहा कि न्यू मोटर व्हीकल एक्ट लोकसभा में पास हो गया है। अगले सत्र में यह राज्यसभा में रखा जाएगा। इसको बनाते समय जर्मनी, जापान, यूके आदि देशों के एक्ट को भी ध्यान में रखा गया है। इसके लागू होने से यह एक्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो जाएगा।

रोज 28 किलोमीटर सड़क बन रही
गडकरी ने कहा कि सड़कों का निर्माण सरकार की प्राथमिकता में है। जब सरकार बनी तब प्रतिदिन दो किलोमीटर सड़क बनने का औसत था। अब यह 28 किलोमीटर प्रतिदिन हो गया है। अगले साल इसको 40 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुंचाना है।
भारतमाला योजना का काम अगले दो साल में
गडकरी ने कहा भारतमाला योजना का काम अगले दो साल में शुरू कर देंगे। यह सभी राज्यों के ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ेगा। करीब 35 हजार किलोमीटर सड़क पर सात लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।
स्कूल के पास वाहनों की गति सीमा 30 किमी प्रति घंटा हो
विभिन्न देशों से आए परिवहन मंत्रियों ने कहा कि अस्पताल, स्कूल, धर्मस्थल, मुख्य चौराहों पर वाहनों की गति की सीमा 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे रखी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए। साथ ही चालकों को प्रशिक्षित किया जाए।
देश में हर साल 1.5 लाख लोगों की मौत
18वें वर्ल्ड रोड कांग्रेस में बताया गया कि देश में हर साल 1.5 लाख लोगों की मौत सड़क हादसे में होती है। इन मौतों को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा के उपायों को अपनाना होगा। इसके लिए चालकों को प्रशिक्षित करने समेत कई काम करने की जरूरत है। देश में 52 लाख किलोमीटर सड़क है।

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