रिटायर्ड कर्मचारियों को फिर से ‘नौकरी’ पर रखेगा रेलवे, करना होगा यह काम

इंडियन रेलवे (Indian Railway) अपनी विरासत को बचाए रखने के लिए अपने ‘पुराने साथियों’ यानी रिटायर्ड कर्मचारियों का सहारा लेगी. इसके लिए 65 वर्ष से कम आयु के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी.
नई दिल्ली : इंडियन रेलवे (Indian Railway) अपनी विरासत को बचाए रखने के लिए अपने ‘पुराने साथियों’ यानी रिटायर्ड कर्मचारियों का सहारा लेगी. इसके लिए 65 वर्ष से कम आयु के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी. ऐसे कर्मचारियों को मेहनताने के रूप में 1,200 रुपये प्रति दिन दिए जाएंगे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी. रेलवे बोर्ड ने भाप इंजन, पुराने डिब्बों, भाप से चलने वाली क्रेन, पुराने समय के सिग्नल, स्टेशन उपकरण और भाप से चलने वाले उपकरण जैसी पुरानी चीजों को संरक्षित, पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित करने के लिए रिटायर्ड रेल कर्मियों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

विरासत को संरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘उनके पास रेलवे की विरासत के रखरखाव और मरम्मत का अनुभव है. साथ ही वे नई पीढ़ी के लिए कोच के रूप में काम कर सकते हैं. यह काम आसान नहीं है, एक घड़ी, जो कि 150 वर्ष पुरानी है – इतने वर्षों के बाद भी चल रही है. पुराने हाथों में वो हुनर है.’ कई वर्ष की उपेक्षा के बाद, रेलवे ने अपना ध्यान एक बार फिर से अपनी विरासत को संरक्षित करने पर केंद्रित किया है.

जोनल प्रमुखों की बैठक में लिया निर्णय
जोनल प्रमुखों के साथ हाल ही में हुई बैठक में इस बारे में निर्णय किया गया है कि विरासती वस्तुओं के उचित संरक्षण और प्रदर्शन का सुनिश्चित करने की जरूरत है. जोनल रेलवे को रेलवे बोर्ड द्वारा जारी पत्र के अनुसार, बोर्ड ने विभागों के प्रमुखों को अधिकतम 10 ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की भर्ती करने का अधिकार दिया है, जिनके पास पुनरुद्धार और संरक्षण की प्रक्रिया के संबंध में परामर्श और मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त कौशल हैं.

अधिकारियों ने कहा कि इन लोगों की तैनाती रेलवे के म्यूजियम और वर्कशाप में की जाएगी, जहां पर विरासत वाली वस्तुओं के रखरखाव की जरूरत है. उनकी भर्ती अधिकतम 6 महीने के लिए संविदा के आधार पर होगी. साथ ही उनकी चिकित्सा स्थिति और कौशल स्तर पर विचार किया जाएगा. बोर्ड ने कहा कि रिटायर्ड कर्मचारियों के पारिश्रमिक को उनकी पेंशन में जोड़ने पर उनके द्वारा लिए गए अंतिम वेतन से अधिक नहीं होगा. इसके अलावा उन्हें ओवर-टाइम, यात्रा या दैनिक भत्ता भी नहीं दिया जाएगा.

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