पटना-हावड़ा मेन रेल लाइन के किऊल रेलवे जंक्‍शन के पास शनिवार अल सुबह अप हटिया-गोरखपुर मौर्य एक्‍सप्रेस ट्रेन दुर्घटनाग्रस्‍त होने से बाल-बाल बच गई। यदि ऐसा होता तो सैकड़ों यात्रियों की जान जा सकती थी। घटना अजीबोगरीब और सवालाें ये घिरी हुई है।

 

 

घटनास्थल किऊल जंक्शन स्‍टेशन के आउटर सिग्‍नल के पास पोल संख्‍या 418/17 के पास अल सुबह 3:37 बजे हुई है। तेज रफ्‍तार से किऊल की तरफ आ रही मौर्य एक्‍सप्रेस ट्रेन के इंजन के बाद वाली सामान्‍य (जेनरल) बोगी में अप लाइन ट्रैक के किनारे रखी 10 फीट लंबी एक रेल पटरी बोगी में छेद करते हुए घुस गई।

 

इससे बोगी के दरवाजे के पास वाली सिंगल सीट पर बैठा आजमगढ़, यूपी के मुन्‍नी लाल सेठ का पुत्र मंगल सेठ (50) की दर्दनाक मौत हो गई जबकि सकरौली, सहरसा के खुशी लाल साह के पुत्र मुकेश कुमार (28) एवं चैता काली स्‍थान समस्‍तीपुर के दिनेश सहनी के पुत्र त्रिदेव सहनी (27) गंभीर रुप से जख्‍मी हो गए।

 

ट्रेन के किउल स्‍टेशन के प्‍लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंचने पर यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। मंगल सेठ, मुकेश कुमार एवं त्रिदेव सहनी को तत्‍काल रेलवे अस्‍पताल किऊल ले जाया गया जहां डॉक्‍टर आलोक कुमार ने मंगल सेठ को मृत घोषित कर दिया। जबकि दोनों जख्‍मी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्‍पताल लखीसराय भेज दिया गया है

 

मंगल सेठ परिवार के कुछ सदस्‍यों एवं ग्रामीणों के साथ देवघर स्थित वैद्यनाथ मंदिर में पूजा करके वापस मौर्य एक्‍सप्रेस ट्रेन से आजमगढ़ जा रहे थे। किऊल स्‍टेशन से करीब 6:45 बजे दुर्घटनाग्रस्‍त बोगी को अलग कर मौर्य एक्‍सप्रेस ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।

 

घटना की सूचना पर दानापुर रेल मंडल से अधिकारी किऊल के लिए रवाना हो गए हैं। घटना के वक्त रेल महकमे को सूचना मिली कि बम ब्लास्ट हुआ है लेकिन पड़ताल के बाद यह अफवाह निकली।

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