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शादी के मंडप में बैठी दुल्हन रजिया कोलकाता के बाजार में बिकने वाली थी कि अचानक

बिहार के अररिया जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आयी है. दहेज प्रथा पर सख्त रोक के बावजूद भी यह रुकने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसा ही एक मामला नरपतगंज के देवीगंज गांव में सामने आया है, जहां दहेज लोभियों ने दहेज के नाम पर मोटी रकम लेकर शादी रचायी. फिर उसे बेच देने की भी योजना को मूर्त रूप देने की तैयारी में लगा हुआ था. देवीगंज की किस्मत पर कुंडली मारे इस फर्जी दूल्हे ने हर तैयारी पूरी कर ली थी. इस बीच ग्रामीणों के बीच मामले का खुलासा हुआ, तो एक बेटी न केवल बिकने से बच गयी, बल्कि फर्जी दूल्हेे का चेहरा भी समाज के सामने खुलकर सामने आ गया. घटना 10 मार्च शनिवार देर रात की है.

 

जानकारी अनुसार फारबिसगंज के कुशमाहा निवासी मो. आलमीन, पिता मो मुस्तफा ने अपने आप को छातापुर प्रखंड के मोहनपुर निवासी शौकत का पुत्र बताकर प्रोजेक्ट किया. देवीगंज का किस्मत बैठा इस फरेब जाल में फस गया. उसने अपनी पुत्री रजिया खातून का शादी 5 मार्च 18 को 70 हजार रुपये दहेज देकर उक्त फर्जी दूल्हे से करा दिया. लड़की के परिजन जब अपनी पुत्री से मिलने के लिए मोहनपुर पहुंचे तो वहां उन्हें इस बात का पता चला कि उक्त नाम के किसी का घर उस गांव में है ही नहीं. पता करने पर लड़की के परिजनों ने विदाई के नाम पर अपनी पुत्री को घर लाया. विदाई के साथ पहुंचे उक्त फर्जी दुल्हें की जब गांव वाले ने जम कर कुटाई की, तो जान जाने की भय देखकर फर्जी दुल्हे आलमीन ने अपनी हकीकत खोल दी.

 

समय रहते दूल्हे की हकीकत सबके सामने आ गयी. उसने ग्रामीणों के सामने जो हकीकत बयां किया वह दिल दहलाने के लिए काफी था. कहा कि यह काम वह कई वर्षों से मानव तस्करी के इस गोरखधंधे में शामिल है. वह इन वर्षों में कई लड़कियों से शादी कर उसे बाद में कोलकाता ले जाकर बेच चुका हूं. उसने खुद यह कबुल किया कि उसने शादी के जाल में फांस कर कितने ही युवतियों की जिंदगी को जिस्मफरोशी के दलदल में धकेल चुका हूं. यह सुनकर लड़की पक्ष के लोग उत्तेजित हो गये हैं. वे दिये गये 70 हजार रुपये नगद व सामान की मांग करने लगे.

 

लेकिन लड़की के पिता इस बात की जिद पर अड़े रहे कि उन्हें इंसाफ चाहिए वे इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराकर फर्जी दुल्हे का जेल के सलाखों के पीछे ले जायेंगे. हालांकि मामला को वहीं मामले को सलटाने के लिए कुछ लोग लेगे हुए थे. लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर मामले को यहीं निपटा दिया गया तो फिर ऐसे लोगों के विरुद्ध सही रूप से कार्रवाई नहीं हो पायेगी. ऐसे लोग पुन: दूसरे किसी रजिया के जीवन को तबाह करने का प्रयास करेंगे. पुलिस यह कह कर जरूर बचने का प्रयास करेगा कि उसे तो इस मामले में आवेदन ही नहीं मिल पाया है. मामले में स्थानीय थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि अभी तक उन्हें इस मामले में कोई आवेदन नहीं मिला है. आवेदन मिलते ही कार्रवाई की जायेगी.

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